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भूतिया हवेली का रहस्य

एक बार की बात है, एक छोटे से गांव में एक भूतिया हवेली थी। इस हवेली के बारे में लोगों के बीच कई कहानियां फैली हुई थीं। वहां रहने वाले लोग कहते थे कि उस हवेली में रात्रि को भूतों की भीड़ होती थी और अजीब-ग़रीब घटनाएं घटती रहतीं। एक दिन, गांव के तीन जिज्ञासु बच्चे, रजनी, विक्रम और अर्चना, उस हवेली के रहस्य को सुलझाने का फैसला करते हैं। ये तीनों बच्चे बहुत ही होशियार और दिलचस्प थे। उस रात, जब सभी सो गए, तीनों बच्चे हवेली के रास्ते पर निकल पड़ते हैं। वे थोड़ी देर तक धैर्य से चलते रहते हैं, लेकिन फिर एक दरवाजे के पास पहुंचते हैं। रजनी, जो थोड़ी डरपोक थी, रुक जाती है और कहती है, "मुझे यहां नहीं जाना! यहां भूत हैं!" लेकिन विक्रम और अर्चना बहुत साहसी थे। वे रजनी को आश्वस्त करते हैं और सभी मिलकर अंदर चले जाते हैं। अंदर जाने पर, हवेली के कमरे में सारी चीजें अराजक और धूले हुए थे। वे अपनी तारीफ करते हैं, "वाह! देखो, यह तो बिलकुल भूतिया है!" धीरे-धीरे उन्हें लगता है कि वे इस सबके पीछे कुछ और रहस्यमय सच छिपा है। वे हवेली में आगे बढ़ते हैं और एक रहस्यमय कमरे के दरवाजे के सामने...

भूतिया मकान की कहानी।

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एक छोटे से गांव में एक पुराने भूतिया मकान की कहानी है। यह मकान विचित्र और डरावना होने के कारण उस गांव के लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया था। कहते थे कि जिस व्यक्ति ने इस मकान में रात बिताई है, वह अगले दिन सुबह तक नहीं रह पाया। इस खबर से डरकर लोग इस मकान से दूर रहने लगे और उसे 'भूतिया मकान' के नाम से जानने लगे। एक दिन, गांव के एक बहादुर और साहसी लड़के नाम था विक्रांत। वह भूतिया मकान के बारे में कई किस्से सुना चुका था, लेकिन उसे भूतों से डर नहीं था। उसे उत्साह था कि वह इस मकान के असलीता को पता करें। विक्रांत ने अपने एक दोस्त से मदद ली और रात के समय उन्होंने भूतिया मकान की यात्रा शुरू की। वे दोनों लड़के अत्यंत सावधानी बरतते हुए मकान के अंदर चले गए। अंदर घुसते ही उन्हें विचित्र आवाज़ें सुनाई देने लगीं। वे अपने दिल को बहाल करते हुए आगे बढ़ते गए। धीरे-धीरे वे एक वर्तमान बना मकान में पहुंचे, जहां एक ज़िन्दगी से जुड़े व्यक्ति का चित्र लटका हुआ था। उन्होंने उस चित्र की विस्तृत जानकारी निचे दी गई थी। चित्र के निचे लिखा था: "सावधान! यहां पर उठाए गए किसी भी वस्तु को वापस न र...

एक बार एक चिड़िया थी, जिसका नाम तुन्नी था

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एक बार एक चिड़िया थी, जिसका नाम तुन्नी था। तुन्नी बहुत ही सुन्दर और चतुर थी। उसकी खूबसूरत परिन्दों में सबसे ज्यादा तारीफ होती थी। एक दिन, तुन्नी ने अपने परियों से सुना कि एक नया पेड़ और रहा है जिस में बहुत सारे फल लगेंगे। टुन्नी ने अपने परियों से कहा कि वो सब मिलकर पेड़ के पास जाएं और उस पेड़ के फलों का स्वाद चखेन। सब परिंदे उस पेड़ के पास चले गए, लेकिन जब वो पाहुंचे, तो उन्हें देखा कि पेड़ पर काफी सारे बिच्छू घुसे हुए हैं। परिंदे बहुत परेशान हो गए कि अब कैसे वो फलों का स्वाद चख पाएंगे। तुन्नी ने सब परिंदे को संभला और उन्हें बताया कि ये बिछुओं का काम है पेड़ की रक्षा करना। तुन्नी ने एक प्लान बनाया और उसमें सब परिन्दों को बताया कि वो बिछुओं को एक साथ उड़ा कर पेड के पास ले जाएंगे और पेड के पत्ते से उन्हें नीचे गिराएंगे। सब परिंदे हमारी योजना को सही तरीके से अपना में सफल रहे और बिछुओं को नीचे गिरने के बाद, वो सब फलों का स्वाद चखने लगे। सब परिंदे बहुत खुश द और एक दूसरे को बधाई देते रहे कि उन्हें तुन्नी के साथ मिलकर बहुत अच्छा काम किया। इसी तरह, तुन्नी की चतुराई और सहस से...
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यह कहानी है Ek Darawni Raat की। किसी गांव में, बंटी नाम का एक लड़का रहता था। वह परीक्षा देने के लिए गुजरात जा रहा था। ठंडी का दिन था। चारों तरफ से कोहरा छाया हुआ था। आमने-सामने भी कोई नहीं दिख रहा था। पुरे पंद्रह घंटे के बाद वह गुजरात पहुंच गया था। Ek Darawni Raat परीक्षा अगले दिन थी। इसलिए वह एक हॉटेल में रहने के लिए सोचा। रात हो गई थी और कही भी उसे। उसके बजट में सस्ता हॉटेल मिल नहीं रहा था। काफ़ी ढूंढ़ने के बाद उसे एक सस्ता हॉटेल मिला। वह उस हॉटेल में एक कमरा बुक करवाया। और जब वह कमरे में गया तो देखा की कमरे के चारों तरफ जाले लगे हुए थे। ऐसा लग रहा था की यह कमरा काफ़ी सालों से बंद पड़ा था। और कमरे के अंदर का माहौल एकदम डरावना और सुनसान लग रहा था। डर कर मारे पसीने निकले लगे। फिर वह आदमी बताने लगा की इस हॉटेल में बहुत साल पहले एक लड़की के साथ चार-पांच लड़के, उसका भयानक तरीके से रेप करके मार दिये थे। लड़की तो मर गई लेकिन किसी को भी नहीं छोडी, और जो भी रात के समय में इस रास्ते से गुजरता हैं सबको अपने कब्जे में कर लेती हैं और मार देती हैं। और कुछ दिन बाद इस हॉटेल पर पुलिस का छापा पड़ा तब ...

रोता हुआ कता

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एक युवक अपने नए घर में शिफ्ट हुआ. नया घर और वहाँ का वातावरण उसे बहुत पसंद आया. लेकिन एक बात थी, जो उसे थोड़ी खटक रही थी. जब से वह आया था, तब से किसी कुत्ते के रोने की आवाज़ उसे लगातार परेशान कर रही थी. काफ़ी देर वह यही सोचता रहा कि थोड़ी देर में यह आवाज़ बंद हो जायेगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ, बल्कि कुत्ते के रोने की आवाज़ दिन भर आती रही. अगले दिन भी जब कुत्ते (Dog) की रोने की आवाज़ बंद नहीं हुई, तब युवक ने न रहा गया. वह घर से बाहर निकला. कुत्ते के रोने की आवाज़ उसके पड़ोस के एक घर से आ रही थी. वह उस घर में पहुँचा. वहाँ उसने देखा कि एक व्यक्ति बरामदे में बैठा अखबार पढ़ रहा है और पास ही लकड़ी की एक पाटिया पर बैठा कुत्ता रो रहा था. यह नज़ारा देख युवक कुछ हैरान हुआ. वह उस व्यक्ति के पास पहुँचा और अपना परिचय देने के बाद बोला, “महाशय, आपका कुत्ता कल से बहुत रो रहा है.” “हाँ, ये तो मैं भी ये देख रहा हूँ.” उस व्यक्ति ने उत्तर दिया. “तो फिर आपने यह जानने की कोशिश नहीं की कि इसे क्या परेशानी है. परेशानी जानकार इसकी मदद की जा सकती है.” “अरे..कुछ नहीं. ये एक कील (Nail) के ऊपर बैठा हुआ है. वो कील इस...

माँ कि ममता

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एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में मीरा नाम की एक छोटी लड़की रहती थी। उसने कम उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था और उसका पालन-पोषण उसके पिता ने किया था। मीरा के पिता उसे बहुत प्यार करते थे, लेकिन घर चलाने के लिए उन्हें लंबे समय तक काम करना पड़ता था, ज्यादातर समय मीरा को घर पर अकेला छोड़ देते थे। एक दिन मीरा गाँव में टहल रही थी तो उसने देखा कि एक मुर्गी अपने बच्चों के साथ है। मीरा ने देखा कि मुर्गी माँ अपने चूजों की देखभाल करती है, उन्हें खिलाती है, और उन्हें अपने पंखों के नीचे सुरक्षित रखती है। मीरा माँ मुर्गी के प्यार और अपने छोटों की देखभाल से चकित थी। अचानक मीरा को एक विचार आया। वह घर वापस गई और उसे एक छोटा सा अंडा मिला जो उसकी माँ मुर्गी द्वारा पीछे छोड़ दिया गया था। उसने अंडा लिया और उसे गर्म स्थान पर रख दिया, इस उम्मीद में कि वह जल्द ही चूसेगा। दिन बीतते गए और आखिरकार अंडे से बच्चे निकले। अंडे से नन्हे चूजे को निकलते देख मीरा बहुत खुश हुई। उसने चूजे की देखभाल करना, उसे खिलाना और उसे एक दीपक के नीचे गर्म रखना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे दिन बीतते गए, मीरा का प्यार नन्हे चूजे ...

गरीब किसान

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 गरीब किसान एक गांव में एक गरीब किसान रहता था। उसका नाम राम था। राम के पास खेती करने के लिए बहुत कम जमीन थी  और उसके पास एक छोटा सा घर था। उसकी पत्नी और बच्चे भी थे, जिन्की पढ़ाई लिखी के लिए पैसे की बहुत कामी थी। राम दिन भर खेत में काम करता था, लेकिन उसकी खेती बारिश के कारण बार नाकाम हो जाति थी। जब खेत नाकाम हो जाति तो राम और उसकी फैमिली के पास कुछ खाने के लिए भी बच्चा नहीं रहता था। ऐसे ही क्या साल बीत गए। एक दिन, एक एनजीओ का कार्यकर्ता गांव में आया और राम से उसके जीवन के बारे में पूछा। राम ने उसे अपनी समस्याओं के बारे में बताया और कहा कि उसके पास कुछ भी नहीं बचा है। एनजीओ के कार्यकर्ता ने राम को सांझे के पास कुछ ऐसे साधन हैं, जिन्हें इस्तमाल करके वह अपनी खेती को बेहतर बना सकता है। एनजीओ ने राम को बेहतर बीज और खड़ा भी प्रदान किया। राम ने एनजीओ के सुझावों पर अमल किया और अपनी अपनी खेती में बेहतर बीज और खाद इस्तमाल किया। इस से उसकी फसल अच्छी लगी और राम को अच्छा मुनाफा हुआ। राम को काम्याबी मिली और उसकी समस्या का हल भी मिला। आज राम का जीवन बहुत ही खुशाल है और उसकी खेती भी अच्छी चलत...